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草 原 梦 恋

——长篇叙事诗

 柳絮

        

      引子

    我从小就生长在,
    塞北的一个小城南,
    抬头天不阔,
    举目就是山。

    我小的时候,
    就喜欢大海,
    就喜欢草原,
    可我无法实现。
    我长大了,
    有了走出去的机会,
    去了渤海湾,
    黄海滩,
    东海岛,
    还有天涯海角的海南。
    我喜欢大海的宽阔,
    我喜欢大海的胸怀,
    每次我站在海岸线,
    总是使我留恋忘返。
    我爱大海,
    是那样的贪婪。

    除了大海,
    我还喜欢大草原。
    记的那年我复员归乡,
    坐在列车上,
    想看看东北大平原,
    宽阔是真,
    但处处是荒凉的碱滩。

    我的家乡承德,
    有美丽的坝上高原,
    但是没有大草原的气势,
    留给我的只是一种梦萦的遗憾……

    走近大草原

    去年七月,
    我有了去草原的机会,
    趋车千里路,
    想象着心中的草原:
    一队队的骆驼,
    缓缓地走在草原和内地之间,
    长长的驼队,
    被一个牧民拉着,
    叮铛的驼铃响着,
    迎着朝阳,
    披着晚霞,
    展现在你面前的,
    是一幅美丽剪影般的画卷!

    路边停着一辆古老的勒勒车
    我闭上双眼,
    脑海里儿时见到的一幅画,
    又出现在眼前……
    太阳刚从远处的地平线,
    露出半个脸,
    朝霞满天,
    在一顶圆圆的帐房前,
    有一个穿着民族服装的小女孩,
    手里牵着牛的缰绳拿着鲜花,
    充满着漂亮的笑脸。
    牛昂着头望着天上的白云,
    天,是那样地蓝。
    牛的身后,
    就是一辆四个大木轮的勒勒车,
    几个木桶装在上边。
    同样穿着民族服装的老奶奶,
    背着打奶茶的小木桶,
    身后走着小牛犊,
    一只小狗跑在小女孩的身边。
    远处一条小河,
    缓缓地穿过大草原,
    流向天边……
    啊!
    好一幅《汲水图》,
    又一次在脑海回旋。
   
    然而,
    岁月早已旧貌新颜,
    车前面是一条宽宽的柏油路,
    无尽头地向远方伸去,
    消失在与天相接的一个点。
    透过车窗望去,
    大草原就象是一块,
    绿色的大地毯。
    昔日的驼队,
    已被飞驰而过的卡车代替;
    游牧的帐房,
    早被漂亮的楼房替换。
    美丽的《汲水图》,
    永远留在深深的脑海,
    草原在变,
    草原在发展!

    曼陀山之夜

    傍晚的天边,
    太阳渐渐地落下去,
    晚霞象一幅彩缎,
    把大草原浸染。
    看着这美丽的景色,
    心里都会说:我爱你,大草原!

    草原的深处,
    有一座山丘,
    在平坦的草原上,
    显得那样的孤单。
    这就是有名的曼陀山,
    象一座曼陀佛仰卧在草原。
    山上,
    两台巨大的风机旋转,
    发出强大的电流,
    去满足草原的发展。

    丰盛的晚餐,
    具有草原的特色,
    身穿红色民族服装的姑娘,
    手捧哈达,
    举起装满美酒的银碗,
    高亢的歌声,
    怎能不让你心情激荡,
    这就是草原!

    我接过装满盛情的银碗,
    敬天,
    敬地,
    敬草原,
    昂头喝下暖暖的酒,
    激情慰青天!

    月亮升起来了,
    古老的马头琴在颤动音弦;
    山顶的篝火燃起来,
    火星扑向挂满星空的苍天。
    分不清哪是地,
    辩不明哪是天,
    是谁撕碎苍穹幕,
    撒下星辰遍草原?

    小伙子挥起马鞭,
    姑娘们顶起银碗,
    一曲蓝蓝的天空,
    洁白的羊群,
    美丽的草原,
    我的家乡……“
    腾格尔的《天堂》曲,
    在篝火前回旋。
    歌声,
    掌声,
    鞭炮声,
    篝火的劈啪声,
    在夜空里,
    传的那么地遥远。
    草原之夜,
    给我的是不尽的留恋!

    草原之梦

    夜深了,
    我躺在软软的床上,
    盖着崭新洁白的被子,
    梦乡里是那样的甜……

    我站在山顶,
    了望着草原:
    没有人影,
    没有牛羊,
    只有白云,
    飘荡在天边。
    突然,
    两台巨大的风机,
    变成巨大的螺旋桨叶片,
    带着曼陀山,
    象飞机一样翱翔在蓝天。
    我害怕了,
    我大声地喊!
    无人理睬……
   
    远处飞来几个小红点,
    是敬酒的小姑娘,
    穿着红色的民族服装,
    飞到我的面前。
    救救我,
    我要回草原。
    你不是喜欢草原吗?
    草原也喜欢你,
    我们陪伴你在天上,
    好好地看一看。

    我还是愿意到地上去。
    她们落到我的身边,
    拉住我的双手,
    向远处飘来的白云飞去,
    笑嘻嘻地松开手,
    你自己下去吧,
    白云在你的下面。
    我闭上双眼,
    只好随其自然……
   
    醒醒,
    怎么睡地板?
    洁白的被子铺着我,
    嘴里还再喊。
    天已经大亮,
    太阳快出地平线,
    汽车的引擎轰响着,
    远处的牧民,
    吆喝着羊群进了草滩。
    随着牛羊的欢叫,
    奏响了草原晨曲。
    曼陀山,
    圆了我一个草原梦幻

    达里湖断想

    吃过早饭,
    我们趋车去达里湖,
    当地牧民告诉我们,
    草原明珠是它的美赞!
    达里湖,
    位于内蒙草原的中部,
    当年康熙皇帝,
    在乌兰布通摆战场,
    平叛了噶尔丹,
    达里湖,
    就在古战场的北面。
    这是一个,
    方圆二百多平方公里的积水湖,
    和外界隔断。
    蓝蓝的湖水如烟如海,
    水质没有任何的污染。
    湖里自然生长着十几种鱼,
    其中有一种叫华子
    据说曾当贡品上送朝廷,
    它的鱼影上过国宴,
    产量很低,
    市场少见。

    故乡河之恋

    当我听到华子鱼的名字时,
    勾起了我的童年……
    武烈河是我的故乡母亲河,
    把小城一穿两半。
    在五十年代,
    河水的流量很大,
    你不相信?
    在我脱下开裆裤的时候,
    就和小朋友坐在岸边,
    看从下游拉上来的商船。
    长长的纤绳,
    十几个黑黑的汉子,
    光着屁股,
    有的只挂块布片,
    赤脚走在鹅卵石上,
    滴滴的汗水,
    落地摔成八瓣。
    我们不懂事,
    刮着自己的小脸,
    丢,丢地臊他们,
    哪知道他们的辛艰。
   
    小船靠岸,
    我们上船,
    扒着船帮,
    往河里看。
    那时候的武烈河,
    清澈见底。
    我记得在小学的课文里,
    有一篇描写《漓江》的精段:
    漓江的水十分的清澈,
    清澈的连江底的沙子上,
     有小虫爬过的痕迹,
      都看的清清楚楚……
    虽然过去了多少年,
    我还记在心里。
    故乡的河水,
    固然达不到文章的渲染,
    可我们却透过河水,
    看到水草象绿色的彩带,
    随水流飘荡,
    鹅卵石长满了青苔,
    鱼群追逐在水草之间。
    夏天洗澡,
    冬天滑冰,
    秋天垂钓,
    母亲河四季都是乐园。

    闲暇去钓鱼,
    有鲤子,
    有鲫子,
    有白鲢,
    大鲇鱼,
    江鱼片……
    当然还有前面说到的华子鱼。
    随着城市的发展,
    河水逐渐污染,
    农作物的变换,
    水少了,
    鱼没了,
    船不来了,
    华子鱼知向何边?

    几十年过去了,
    我真的没有想到,
    在达里湖找到了你的身影,
    这里就是你的家?
    和我的故乡河有没有亲缘?
    迷,真的是迷。
    不管怎么说,
    见到了你,
    使我产生了对故乡的恋眷!

    达里湖的水,
    故乡的河,
    祖国的山山水水,
    永相连,
    永相恋!
    我虽然离开了达里湖,
    离开了大草原,
    我还是留下了对你的情感。
    大草原给了我美丽的梦恋!
 

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